dhillon brothers suicide case: ढिल्लों ब्रदर्स सुसाइड केस में district court of kapurthala ने तीनों आरोपित पुलिस कर्मियों को ट्रायल चलने से पहले ही डिस्चार्ज कर दिया पर डिस्चार्ज आर्डर में काई सारे नए फैक्ट्स भी सामने आए हैं

जालंधर(24/08/2026):  दोस्तों साल 2023 में जालंधर शहरी की पुलिस के अंतर्गत आते एक थाने में कथित प्रताड़ित किये जाने की वजह से दो सगे भाइयों ने नदी में छलांग लगा कर आत्महत्या करली थी, मामले में उक्त थाने के उस समय के एस एच ओ नवदीप सिंह, थाने का मुंशी बलविंदर कुमार और एक महिला पुलिस कांस्टेबल को आरोपी बना कर एक मामला कपूरथला की पुलिस ने दर्ज किया था, उस समय इस मामले ने आक्रोश का रूप ले लिया था और एक के बाद एक काई सारे आंदोलन तक हुए थे, मुंशी बलविंदर कुमार और महिला पुलिस कांस्टेबल को तो उसी समय पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी पर उक्त एस एच ओ को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा था तब जाके अग्रिम जमानत मिली थी, तीनो आरोपियों मेसे किसी को भी एक मिनट के लिए भी जेल नहीं जाना पड़ा था और एक परिवार के दो बेटे अपनी जान गवा बैठे थे, उम्मीद थी की मामले में जब ट्रायल होगा तो आरोपियों को सजा जरूर मिलेगी पर 18/08/2026 को कपूरथला की ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए तीनो आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया की मामले का ट्रायल किये जाने तक के लिए जरूरी सबूत मौजूद नहीं है

अब इस डिस्चार्ज आर्डर को पढ़ने के बाद कुछ नए फैक्ट्स सामने आए हैं जिनपर बात किया जाना जरुरी है, एक बात और भी कहना जरूरी है की हम इस आर्टिकल में जिन सवालों पर चर्चा करने जा रहे हैं उनका मतलब यह बिलकुल नहीं है की हम इस डिस्चार्ज आर्डर को गलत या सही साबित करने की कोशिश कर रहे है, आर्डर को पढ़ने के बाद जो कुछ नए फैक्ट्स सामने आए बस उनके बारे बात की जा रही है

सबसे पहली और जरुरी बात की आर्डर में लिखा है की 16/08/2026 को पीड़ित मानव ढिल्लों थाने से जमानत पाने के बाद छूटा था और अगले ही दिन मतलब 17/08/2023 को दोनों भाइयों मानव ढिल्लों और उसके छोटे भाई जश्न ढिल्लों के बेयास नदी में कूद के आत्महत्या करने की बात सामने आई थी अब इस बात की कही कोई चर्चा या सबूत नहीं है की 16/08/2023 और 17/08/2023 के बीच ऐसा कुछ हुआ था की जिसे इन दोनों भाइयों की आत्महत्या की वजह माना जा सके अगर ऐसा कुछ नहीं हुआ तो थाने में प्रताड़ित किये जाने के आरोप को ठोस वजह क्यों नहीं माना जायेगा यह बात समझ नहीं आती

दूसरी बात आर्डर में लिखे कुछ कंटेंट से लगता है की उक्त आरोपित एस एच ओ कहता है की दोनों भाई मरे नहीं जिन्दा हैं दोनों ने आत्महत्या की ही नहीं थी अब सवाल उठता है की यह थ्योरी कहाँ से आई और इसका क्या सबूत है की दोनों ढिल्लों भाई जिन्दा हैं, अगर इस बात का सबूत होता तो उक्त आरोपित एस एच ओ अदालत के सामने जरूर रखता और अदालत अपने डिस्चार्ज आर्डर में जरूर लिखती, इस बात का कोई सबूत और गवाह नहीं है तो कैसे यह बात मान ली जाये की दोनों ढिल्लों भाई जिन्दा हैं 

अब आते हैं तीसरे सबसे जरूरी फैक्ट्स की तरफ, आरोपित एस एच ओ कहता है की जो डेड बॉडी 02/09/2023 को नदी से कपूरथला पुलिस को मिली थी वो छोटे भाई जश्न ढिल्लों की नहीं है इसका आधार उक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट को बताया जा रहा है जिसमे कहा गया है की दोनों पीड़ितों के पिता जितेंदरपाल सिंह ढिल्लों से उक्त डेड बॉडी का डीएनए पूरी तरह से मैच नहीं हो रहा हालाँकि रिपोर्ट के मुताबकि बॉडी सही हालत में न होने की वजह से भी सैंपल मैच न होने की संभावना है, पर जरुरी बात और है की 17/08/2023 को दोनों ढिल्लों ब्रदर्स ने नदी में छलांग लगाईं तो अगर यह डिस्प्यूटेड बॉडी छोटे भाई जश्न की है या नहीं तो सोचिये अगर कोई नदी में कूद कर अपनी जान देने की कोशिश करेगा तो उसकी मौत का सबसे नजदीकी संभावित कारण पानी में डूबने की वजह से दम घुटनी की वजह से होगी, अब 02/09/2023 को मिली डेड बॉडी जिसे उक्त आरोपित एस एच ओ किसी और की बता रहा है तो ऐसे अगर किसी ने कोई और डेड बॉडी लाके प्लांट की है जैसा की ये आरोपित पुलिस वाले कह रहे है तो इतनी जल्दी प्लांट करने वाले ऐसी बॉडी कहाँ से मिल गई जिसके मरने की वजह पानी में डूबने की वजह से दम घुटने की वजह से हुई है, इस बात से भले ही कुछ ठोस साबित न हो पर ढिल्लों परिवार का पक्ष मजबूत जरूर होता है 

अब और एक बात ध्यान से देखनी चाहिए की ढिल्लों परिवार ने आरोप लगाया था की उस समय पुलिस स्टेशन के सी सी टीवी कैमरे ख़राब थे जिन्हे उक्त आरोपित नवदीप सिंह ने ही सबूत मिटाने की नियत से ख़राब किये थे जबकि नवदीप सिंह के मुताबिक उसने इन कैमरों के ख़राब होने की सूचना अपने विभाग को इस मामले के पैदा होने से पहले ही देदी थी, ऐसे में इस बात का शक पैदा होता है की पीड़ित ढिल्लों परिवार ने कैमरा ख़राब किये जाने वाली बात अपनी शिकायत को मजबूत करने के लिए बिना किसी आधार के इस लिए जोड़ दी हो क्योकि उन्हें पता लग गया था  की उनके दोनों बेटों ने नदी में छलांग लगा दी और और अब आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ऐसा काई बार अन्य मामलों में भी जांच के दौरान पाया जाता है इसलिए  यह भी कोई नई और बड़ी बात नहीं लगती 

एक और बात आर्डर में लिखी है की 13/07/2024 को मामले की जांच कर रहे थाने के एस एच ओ ने दोनों ढिल्लों भाइयों के पासपोर्ट और बैंक खातों की जानकारी परिवार से मांगी थी पर इसके आगे यह बात नहीं बताई गई की इन सब बातों से सामने क्या आया, इससे तो लगता है की  जांच कर रही पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा वरना पुलिस अदालत को जरूर बताती और अदालत अपने आर्डर में यह फैक्ट जरूर नोट करती 

हमें याद है की जब यह घटना हुई थी तब पूरे पंजाब में जितनी इस मामले की चर्चा हुई थी उतनी ही चर्चा 18/08/2026 को इस डिस्चार्ज आर्डर के आने वाले दिन हुई है अब देखना होगा की पीड़ित ढिल्लों परिवार मतलब दोनों ढिल्लों भाइयों के पिता जतिंदरपाल सिंह ढिल्लों इस डिस्चार्ज आर्डर को चेलेंज करने हाई कोर्ट जाते हैं या नहीं, ऐसा न करने की सूरत में उनके ऊपर गंभीर सवाल खड़े होंगे की उन के दोनों जवान बेटे दुनिया से चले गए और पिता निराश होकर घर बैठ गए, हालाँकि हम सबको उम्मीद रखनी चाहिए की इन्साफ की राह देख रहे ढिल्लों परिवार और पंजाब के आम लोग अभी इस कानूनी संघर्ष में बने रहेंगे

नोट: आर्टिकल के नीचे दी गई ढिल्लों भाइयों की तस्वीर इंटरनेट से ली गई है और इसका इस्तेमाल जनता को सूचना देने के लिए ही किया गया है और कोई अन्य इस्तेमाल नहीं किया गया है 



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