story within story: तथाकथित पत्रकार गुरदीप सिंह पर दर्ज मामले में misuse of freedom of press से लेकर abuse of process law तक की झलक..

 जालंधर(19/04/2026): दोस्तों आज हम लोग आपके सामने जिस तथाकथित पत्रकार की स्टोरी लेकर आए हैं, उसके जैसे देश के हर शहर में लाखों डिजिटल पत्रकार घूम रहे हैं इन लोगो का कुछ ख़ास प्रभाव तो नहीं है पर इन लोगों की वजह से पत्रकारिता को शर्मिंदगी काफी झेलनी पड़ रही है इन लोगो पर बात भी इसी लिए करनी पड रही है क्योकि इनकी वजह से लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को काफी नुक्सान हो रहा है

पंजाब के जालंधर शहर में एक जनाब है जिनका नाम है गुरदीप सिंह ये फेसबुक पर युवा सवेरा के नाम से अपना एक पेज चला रहे हैं, ये जनाब अक्सर विवादों में रहते हैं, कुछ सालों पहले की ही बात है की इन पर आरोप लगा की इन्होने जालंधर के नजदीक पड़ते फगवाड़ा शहर में एक लॉटरी स्टाल पर जाके जबरन उगाही करने की कोशिश की थी तब उक्त मार्केट के लोगों ने इनको धर दबोचा था और इनकी काफी बेइज्जती हुई थी, बात एहि रुक जाती तो सुकून होता पर कुछ समय पहले इनके ऊपर इनके ही एक पडोसी परिवार ने एक महिला को पीटने और उसके घर में पथराव करने का आरोप लगाया था, इन जनाब के कारनामे एहि नहीं रुकते इन्होने साल 2020 में जालंधर शहर के ही एक व्यक्ति के पैर में गोली मार दी थी तब ये तथाकथित पत्रकार साहिब 6 माह से ज्यादा समय तक जेल में सैर करके आए थे, अब साल 2026 में जालंधर की एक प्राइवेट गैस एजेंसी जिसका नाम है दोआबा गैस एजेंसी के मालिक हितेश चंदर ने इन पर ब्लैकमेलिंग करके 2 लाख रुपये मांगने और जाती सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एक मामला दर्ज करवाया है, इस मामले में तथाकथित पत्रकार गुरदीप सिंह जी आजकल भूमिगत हैं और पुलिस इन्हे जल्द पकड़ लेने का दावा करती घूम रही है, पर जनाब कहाँ घूम रहे हैं किसी को नहीं पता, लीड इतना ही आगे इन सभी मामलों पर थोड़ा विस्तार से बात करते हैं

यूट्यूब पर लगभग 2 साल पहले का एक वीडियो अपलोडेड हैं इसका लिंक हम लोग नीचे दे देंगे आप उस लिंक को क्लिक करके देख सकते है की कैसे फगवाड़ा की एक मार्किट के कुछ लोगों ने इस तथाकथित पत्रकार गुरदीप सिंह को घेर लिया था और आरोप लगाए थे की ये जनाब एक लाटरी स्टाल वाले से ब्लैकमेलिंग करके पैसे लेने आए थे और इन्हे रंगे हाथों पकड़ लिया गया था, इस मामले में गुरदीप सिंह ने माफ़ी मांग कर बच निकलने में कामयाबी पाई थी

लिंक:   https://www.youtube.com/watch?v=QRwlH8ChlgM

https://www.youtube.com/watch?v=6FtLaaHxN08

सोर्सेज: one news18 and दैनिक सवेरा टीवी

इससे पहले साल 2020 की 08/01/2020 की तारिख थी और समय था 11.15am(सुबह) का, एक व्यक्ति है जिसका नाम है प्रह्लाद  जिसका अपनी पत्नी से कुछ कहाँ सुनी हो गई थी जिसके बाद उसकी पत्नी गुस्से से अपने घर जा रही थी और प्रह्लाद अपनी पत्नी को समझने की नियत से उसके पीछे चल पड़ा रस्ते में दोनों पति पत्नी बहस कर रहे थे तभी वहाँ यह तथाकथित पत्रकार गुरदीप सिंह पहुंच गया और उसने  मामले में दखल देते हुए प्रह्लाद पर गोली चला दी जो प्रह्लाद के पैर में जा लगी इस मामले में जालंधर पुलिस ने गुरदीप सिंह के खिलाफ IPC की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज करके गुरदीप सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था इस मामले में गुरदीप सिंह 6 माह से ज्यादा समय तक जेल में रहा था उसके बाद उसकी जमानत हुई थी, पर हैरान करने वाली बातें कुछ और है, इस मामले में प्रह्लाद और उसकी पत्नी ने जालंधर की ट्रायल कोर्ट में कहा था की उन दोनों ने गुरदीप सिंह को पहले कभी नहीं देखा है और प्रह्लाद पर गोली चलाने वाला कोई और था, इसके बाद जज साहिब ने गुरदीप सिंह को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया था, पर सवाल खड़ा होता है की गोली चलाने वाली बन्दूक और गोली से जुडी फॉरेंसिक रिपोर्ट के बारे इस कोर्ट आर्डर में कहीं नहीं लिखी गई है ही इस बात की कोई चर्चा है की जिस बन्दूक से गोली चली थी वो किसके नाम पर रजिस्टर्ड थी, ही इस बात का खुलासा हुआ है की वारदात के समय बन्दूक किसके पास थी, इसके इलावा एक और बहुत गंभीर बात सामने आई है की ट्रायल कोर्ट में प्रह्लाद और उसकी पत्नी ने गुरदीप सिंह को पहचानने से मना कर दिया था पर इससे मामले की एक रिट पेटिशन की सुनवाई के दौरान गुरदीप सिंह के वकील नवकिरण सिंह ने अदलात में सुलह नामा डीड पेश की थी जो की  प्रह्लाद के एफिडेविट पर आधारित थी, अब सवाल खड़ा होता है की प्रह्लाद और उसकी पत्नी ने ट्रायल कोर्ट में और हाई कोर्ट में अलग अलग ब्यान क्यों दिए ऐसे ब्यान देने की वजह से इस दंपत्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह बात भी सामने नहीं आसकी की इस मामले में किसने समझौता करवाया था  

इसके बाद साल 2024 में गुरदीप सिंह पर उनके ही एक पडोसी परिवार ने उक्त परिवार की एक महिला को पीटने और उक्त परिवार के घर में पथराव करने का इल्जाम लगाते हुए गुरदीप सिंह पर एक ऍफ़ आई आर दर्ज करवाई थी, इस मामले में जालंधर पुलिस ने गुरदीप सिंह के खिलाफ आई पी सी की धारा 354, 509, 506, 294, 427, 34 के तहत कार्रवाई करते हुए गुरदीप सिंह को जेल भेजा था, इस मामले में गुरदीप सिंह अभी भी बेल पर बाहर है, इस मामले में जालंधर पुलिस ने अदालत में चालान 26/03/2025 को पेश किया था, मामला कोर्ट में अभी भी लंबित है इस मामले की अगली तरीख 25/05/2026 है और प्रॉसिक्यूशन एविडेंस चल रहे हैं, इस मामले में गुरदीप सिंह का पक्ष है की ये मामला  ही झूठा है ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं है ये मामला पुरानी रंजिश की वजह से लिखवाया गया है, सच क्या है इसके लिए अदालत के फैसले का इंतज़ार करना पड़ेगा

अब साल 2026 में 05/02/2026 दोआबा गैस एजेंसी के मालिक हितेश चंद्र ने जालंधर की एक निचली अदालत में स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 40 के तहत गुरदीप सिंह के खिलाफ एक केस डाला हुआ है जिसकी अगली तरीख 29/04/2026 को है, इसके बाद ही जालंधर पुलिस ने हितेश चंद्र के बयानों पर गुरदीप सिंह के खिलाफ एक क्रिमिनल कंप्लेंट 06/04/2026 को दर्ज कर दी थी इस ऍफ़ आई आर में गुरदीप सिंह पर BNS  की धारा 308(1) और 332(c) के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1) के तहत आरोप लगा है, BNS 308(1) किसी से जबरन वसूली के अपराध के लिए लगाईं जाती है अब देखना होगा की हितेश चंद्र ने गुरदीप सिंह को कितने पैसे दिए थे और किस रूप में दिए अगर पैसों का लेन देन नहीं हुआ है और बस पैसे मांगे ही गए थे तो यह धारा 308(1) कमजोर साबित हो सकती है पर अगर पैसों का लेन देन साबित हो जाता है तो गुरदीप सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, दूसरी धारा BNS 332(c) हाउस ट्रेस पास की धारा है इसके इलावा जो SC/ST एक्ट की धारा जोड़ी गई है वो यहां पुलिस के कदम पर शक पैदा करती है सवाल खड़ा होता है गुरदीप सिंह ने किस को जाती सूचक शब्द बोले हैं और गुरदीप सिंह को सामने वाले की जाती के बारे कैसे पता था, ऐसे ही कुछ समय पहले जालंधर में एक अन्य पत्रकार गौरव गोयल के खिलाफ भी जाती सूचक शब्द बोलने की धारा लगाईं गई थी उक्त ऍफ़ आई आर के मामले में गौरव गोयल को हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी

इस मामले में अंतरिम जमानत पाने के लिए गुरदीप सिंह ने जालंधर की अदालत में 10/04/2026 को बेल एप्लीकेशन डाली हुई है जिसकी सुनवाई 22/04/2026 को होनी है, इस बात की जांच होनी चाहिए की इन जनाब गुरदीप सिंह के पास क्या अभी भी बन्दूक का लाइसेंस और बन्दूक मौजूद है या नहीं? क्या साल 2020 वाले गोली काण्ड के बाद इन्हे हथियार रखने की परमिशन है या नहीं ये बात भी देखि जानी चाहिए

नोट: नीचे दी गई गुरदीप सिंह की तस्वीर इंटरनेट से ली गई है और इस तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ सूचना प्रकाशित करने के मकसद से ही किया गया है  



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