जालंधर(06/01/2025): जो लोग cyber crime का सामना कर रहे हैं और ऐसे किसी cyber crime की वजह से किसी भी राज्य की साइबर पुलिस ने अगर किसी का भी बैंक अकाउंट बिना किसी लीगल नोटिस के फ्रीज़ मतलब किसी भी लीं दें करने से रोक दिया है तो ऐसे पाठकों को यह खबर आगे जरा ध्यान से पढ़ लेनी चाहिए
ऐसे ही एक पीड़ित जिनका नाम विवेक वरसनी है ने अपने वकील तुषार खैरनार के जरिये सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाईं है जिसमे मांग की है की जब भी किसी भी साइबर क्राइम से जुडी कोई जांच चल रही हो तो साइबर पुलिस बिना नोटिस किसी का भी बैंक अकाउंट फ्रीज़ न करे, बैंक अकाउंट को फ्रीज़ करने का कदम उठाने से पहले पुलिस को चाहिए की पार्टी जिसका बैंक अकाउंट हो उसको एक नोटिस दिया जाये ताकि पार्टी अपनी लीगल रेमेडीज ले सके और जब भी बैंक अकाउंट फ्रीज़ करने हों तो इसके लिए नियम बनाये जाएँ, मनमाने ढंग से बैंक अकाउंट बंद के चलन को रोका जाए
इस याचिका की सुप्रीम कोर्ट में आज मतलब 06/01/2026 को पहली सुनवाई हुई, सुनवाई में पिटीशनर की तरफ से advocate on record तुषार मनोहर खैरनार और advocate प्रीती परमार पेश हुए, अदालत ने मामले में रेस्पोंडेंट नंबर 1 यूनियन ऑफ़ इंडिया को नोटिस जारी करते हुए कहा है की वो 3 दिनों में रिप्लाई फाइल करें, अब इस मामले को अगले सप्ताह लिस्ट किया जायेगा
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