जालंधर(04/07/2026): आप सबको बता दें की पंजाब के प्रमुख शहर जालंधर के एक मशहूर आँखों के डॉक्टर की अपने ही हॉस्पिटल की एक स्टाफ की लड़की से आंखे लड़ाने की खबर आई थी जिसके तुरंत बाद खबर आई की इस बात का पता चलने पर डॉक्टर साहिब की पत्नी ने आत्महत्या कर ली, मामला पुलिस के पास पहुंचा और मृतक पत्नी के पिता मतलब डॉक्टर साहिब के ससुर ने डॉक्टर साहिब के खिलाफ जालंधर शहर के पुलिस डिवीज़न नंबर: 06 में एक ऍफ़ आई आर दर्ज करवाई उसके बाद से ही डॉक्टर साहिब भूमिगत हो गए थे
अब मामले में एक नया अपडेट आया है 15/06/2026 को डॉक्टर साहिब ने जालंधर की निचली अदालत में एक प्री अरेस्ट बेल एप्लीकेशन डाली जिसकी सुनवाई के लिए अदालत ने 01/07/2026 की तारिख दी जब तारीख आई तो डॉक्टर साहिब के वकील ने अदालत के सामने जो तर्क रखे उसके बारे जरा जान लीजिये, वकील साहिब ने अदालत को बताया की डॉक्टर साहिब बिलकुल बेकसूर हैं और डॉक्टर साहिब का किसी लड़की के साथ कोई प्रेम प्रसंग नहीं है पर लगता है वकील साहिब भूल गए की डॉक्टर साहिब का स्टाफ की लड़की के साथ एक बेहद एतराज़ योग वीडियो पूरे इंटरनेट पर छाया हुआ है, इसके इलावा डॉक्टर साहिब के वकील का कहना था की डॉक्टर साहिब का अपनी पत्नी के साथ व्यौहार बिलकुल ठीक था और डॉक्टर साहिब ने मृतका के साथ कभी कोई मारपीट की ही नहीं थी, वकील साहिब का कहना था की जो इंसिडेंट साल 2025 में होने की बात की जा रही है की डॉक्टर साहिब ने अपनी पत्नी को जान से मारने की कोशिश की थी वो घटना असल में हुई ही नहीं थी
आगे डॉक्टर साहिब के वकील ने अदालत से कहा की ऐसा कोई वीडियो या ऑडियो सामने नहीं आया है जिससे डॉक्टर साहिब द्वारा मृतका पत्नी को परेशान करने की बात साबित हो सके, इसके इलावा वकील साहिब ने कहा की पत्नी ने आत्महत्या करने से पहले कोई सुसाइड नोट भी नहीं लिखा है, वकील साहिब ने अदालत को आगे बताया की जिन दो लोन लेने का इल्जाम डॉक्टर पियूष सूद पर लग रहा है उन दोनों लोन में सिक्योरिटी के तौर पर डॉक्टर पियूष सूद की प्रॉपर्टी को पहले ही जोड़ा जा चूका था आगे इन वकील साहिब ने बताया की डॉक्टर पियूष सूद और उनकी पत्नी पिछले लगभग एक साल से अलग रह रहे थे, और सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात कही की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट में मौत की वजह जेहरीले सांप या किसी अन्य कीड़े के कटनी की वजह से होने का शक है, फिर कहा की पोस्ट मोर्टेम की रिपोर्ट में ही लिखा है की जो खाना मृतका के पेट में पाया गया था वही खाना उनकी सांस नली में भी फंसा हुआ पाया गया था ऐसे में संभव है की इस फंसे हुए खाने की वजह से दम घुटने की वजह से भी मौत हुई हो
पर अदालत ने बचाव पक्ष की किसी भी दलील से सहमति नहीं दिखाई और कहा की जो ढाई करोड़ रुपये का लोन मृतका के जाली सिग्नेचर करके लिए जाने की बात सामने आई है उसकी सही जांच पड़ताल करने के लिए डॉक्टर पियूष सूद की गिरफ्तारी जरुरी है, अदालत ने आगे कहा की घटना से पहले 08/06/2026 से लेकर 10/06/2026 के बीच मृतका और आरोपित पति डॉक्टर पियूष सूद दोनों के मोबाइल कॉल डिटेल्स की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है जिससे यह पता लगेगा की आत्महत्या वाली घटना से पहले डॉक्टर पियूष सूद और उनकी मृतक पत्नी के बीच बातचीत होती थी या नहीं, साथ ही घटना स्थल से मिले स्टील गिलास की फॉरेंसिक रिपोर्ट आनी बाकी है ऐसे में बहुत संभव है की अगर डॉक्टर पियूष सूद को जमानत दी गई तो वो जांच को प्रभावित कर सकते हैं ऐसे में डॉक्टर पियूष सूद को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती और इतना कह कर अदालत ने डॉक्टर पियूष सूद की यह अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर दी
अब अग्रिम जमानत पाने के लिए डॉक्टर पियूष सूद को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट जाना होगा, इससे पहले यह भी देखना होगा की जालंधर पुलिस क्या डॉक्टर पियूष सूद को गिरफ्तार कर पाती है या फिर डॉक्टर साहिब अभी भी जालंधर पुलिस के लिए हिंदी फिल्म वाला मिस्टर इंडिया(अदृश्य) बने रहते हैं
