जालंधर (02/02/2026): 23/01/2026 को punjab and haryana high court ने punjab kesari group jalandhar को कोई भी राहत न देते हुए ग्रुप को मामले को national green tribunal of india में लेकर जाने को कह दिया था, इसके बाद punjab kesari group jalandhar ने इस आर्डर को चुनौती देने के लिए supreme court of india में 2 SLP डाली जिनकी सुनवाई करते हुए 29/01/2026 को supreme court of india ने दोनों पिटीशंस को dismissed करते हुए punjab and haryana high court के आर्डर को बहाल रखते हुए punjab kesari group jalandhar को होटल के मामले में राहत पाने के लिए national green tribunal of india में जाने को कह दिया
इसके साथ ही पंजाब सरकार को भी आर्डर दिया की पंजाब केसरी समाचार पत्र के काम काज में कोई भी दखल न दिया जाये और ग्रुप के होटल को बंद रहने का आर्डर है
supreme court ने national green tribunal of india को भी कुछ डाइरेक्शंस दिए है जो भी जान लेने बहुत जरुरी है:सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की अगर पंजाब केसरी ग्रुप कहता है की होटल के काम काज के लिए सभी नियमों का पालन पहले से ही किया जाता रहा है तो ऐसे में पंजाब केसरी ग्रुप नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ऑफ़ इंडिया से प्रार्थना कर एक कमेटी बनवा ले जिसमे सभी जरुरी एक्सपर्ट्स के इलावा Punjab pollution control board के अधिकारी भी शामिल किये जा सकते है जिसे जॉइंट कमेटी के रूप में बनाया जा सकता है जो होटल्स की जांच करके एक रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ऑफ़ इंडिया को देदें या फिर पंजाब पोलुशन कण्ट्रोल बोर्ड भी जांच रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को दे सकते हैं
जो पंजाब केसरी ग्रुप ने इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई में बाधा आने की बात की है उसके लिए national green tribunal of india को चाहिए की एक लिमिटेड पर्पस के लिए कुछ जरुरी शर्तों के साथ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई रिस्टोर करने पे विचार कर लें
punjab kesari group jalandhar द्वारा मांगे गए अंतरिम डाइरेक्शंस पर भी national green tribunal of india को विचार करना चाहिए, supreme court of india ने आर्डर के अंत में कहा है की national green tribunal of india को चाहिए की मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करके फैसला दें
